कील मुहांसे क्यों होते हैं

देखिए हमारे skin पर छोटे-छोटे रोए पाए जाते हैं, यह जो छोटे छोटे बाल होते हैं यानी कि छोटे बाल के follicle है यह हमारे स्क्रीन के बीच वाली layer dermis में पाए जाते हैं। और इन्हीं छोटे-छोटे बाल से लगा हुआ होता है एक sebeceous gland नाम का ऑयल प्रोड्यूस करने वाला ग्लैंड, हमारे स्किन के अंदर… क्या होता है कि यह sebaceous gland हमेशा sebum नाम का एक oil बनाकर हमारे स्किन को moisture करता है, बैक्टीरिया से बचाता है, और uv rays से लड़ने में भी अपना योगदान देता है।

देखिए होता क्या है कि जब कोई व्यक्ति अपने किशोरावस्था में आता है, तब उसमें सेक्सुअल developement होना भी शुरू हो जाती है। यानी कई सारे sexual hormone भी एक्टिव हो जाते हैं, जैसे टेस्टोस्टरॉन… होता यह है कि जैसे ही यह सब हार्मोन एक्टिव हुए sebum प्रोडक्शन होगी बहुत ही तेजी से बढ़ने लगता हैं, और स्किन से बहुत ज्यादा बाहर निकलने लगता है।

अब देखिये इसी प्रोसेस के साथ एक parallel process के साथ एक और process भी चलता रहता है। जो भी हमारे skin की dead सेल्स होती है, वह हमेशा से ही shed होकर बाहर निकलती रहती हैं। और नई सेल इसे रिप्लेस कर देती है। लेकिन होता यह है कि कभी कभी-कभी जब इन डेड सेल की सफाई नहीं होती है, तो यह dead cells हमारे जो स्किन के pore होते हैं। जिससे हमारा बाल निकले रहते हैं, स्किन से और जहां पर adjustened सेबेशस ग्लैंड होता है, sebum रिलीज करने के लिए, वह pore ही ये dead सेल ब्लॉक कर देते हैं।

और इसी किशोरावस्था में या जवानी में sebum का प्रोडक्शन बहुत ज्यादा हो रहा होता है, तो क्या होता है जब sebum इन pores में trap हो जाता है, तो कुछ बैक्टीरिया इन trap हुए sebum में आ जाते हैं, और इन्फेक्शन करने लगते हैं। यह देखकर वाइट ब्लड सेल्स भी यहां पर आती हैं, फाइट करने के लिए और क्या होता है कि इस trapped में sebum में यानी ऑयल में अब inflammation हो जाता है। सूजन हो जाती है, redness आ जाती है और छूने पर दर्द भी होने लगता है।

अब देखिए जब यही clogged pores हवा के contact में नहीं आता है, तो यह वाइटहेड्स कहे जाते हैं. जब यही clogged थोड़े से खुल जाते हैं और इसमें हवा लग जाती है, तो यह ब्लैकहेड बन जाते हैं. और जब यही इनफेक्शन इन clogged pores में स्किन के बहुत अंदर तक चले जाते है। और इन pores में अब puss भी भर जाते हैं, तो इन्हें पिंपल्स कहते हैं, यानी मुंहासे….

देखिये आपको करना क्या है कि बस इन clogged pores में जो डेड सेल भर गई हैं, इन्हीं को निकाल दो, आपके कील मुँहासे से आराम से चले आएंगे, कुछ दिन के अंदर ही, इसके लिए आप किसी डर्मेटोलॉजिस्ट की सहायता ले सकते हैं, वह कुछ ऐसी क्रीम लिख देगा, जो आसानी से इन clogged pores को खोल देगा।

Previous articleत्वचा से तेल कैसे निकलता हैं
Next articleत्वचा पर तिल कैसे बनता है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here