तमिलनाडु का रहन सहन कैसा हैं

तमिलनाडु भारत का दक्षिणतम राज्य है जो कि भारत के सबसे विकसित राज्यों में से भी गिना जाता है. यहां पर भारत के सबसे पढ़े लिखे लोग रहते हैं इसलिए यहां पर ऐसा कहा जाता है कि जीवन जीना काफी आसान है. यहां पर बिल्कुल भी दिखावा नहीं है आप जैसे चाहे वैसा पहनावा कर सकते हैं. आप पर किसी भी प्रकार का कोई भी दबाव नहीं है यहां के लोग जाति पाति से ऊपर उठ चुके हैं. क्योंकि यहां के लोग शिक्षा के तरफ ज्यादा ध्यान देते हैं.

तमिलनाडु का पहनावा –

तमिलनाडु में पहनावा के लिए कोई भी जोर जबरदस्ती नहीं है.आप जैसा चाहे वैसा वस्त्र धारण कर सकते हैं. लेकिन तमिलनाडु का पारंपरिक परिधान बहुत ही ज्यादा सुंदर है खासतौर से औरतों का जिसमें वह बहुत ही सुंदर कांजीवरम साड़ी और पुरुषों के लिए धोती प्रयोग में लिया जाता है. लेकिन आम जीवन में लोग साधारण पैंट शर्ट और महिलाएं घर में साधारण साड़ी ही पहनती हैं.

तमिलनाडु की दैनिक जीवन चर्या

तमिलनाडु में लोग बिल्कुल अन्य भारतीयों की तरह ही सुबह जल्दी उठने में भरोसा रखते हैं और यहां पर नाइटलाइफ बिल्कुल भी नहीं है. जहां पर लोग विशुद्ध भारतीय तरीके से जीना पसंद करते हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए हितकर भी है. दिन के समय काम और शहरी क्षेत्रों में लोग रात के समय भी में भी काम करना पसंद करते हैं. रोजगार के साधन यहां अच्छे खासे मौजूद हैं क्योंकि यहां पर समुद्र तट का इलाका बहुत ज्यादा है. इसलिए यहां पर सीफूड से संबंधित व्यापार भी ज्यादा होता है.

तमिलनाडु का भोजन

तमिलनाडु का भोजन भारत में कुछ सबसे स्वस्थ रखने वाले भोजन में से गिना जाता है क्योंकि यहाँ अधिकतम भाप से बनाए जाने वाले भोजन होते हैं, जैसे इडली पनियारम। यहां पर चावल और उड़द की दाल का प्रयोग ज्यादा किया जाता है. पर आपको पता होना चाहिए कि तमिलनाडु में लोग मांस का प्रयोग भी ज्यादा करते हैं. इसलिए यहां पर मांसाहारी लोग ज्यादा रहते हैं.

तमिलनाडु की भाषा

तमिलनाडु की भाषा तमिल है. जैसे इसका नाम है तमिल नाडु “तमिल लोगों के रहने की जगह” माना जाता है कि तमिल भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषा में से एक है. यहां पर शहरी लोग उत्तर भारतीयों से संपर्क बनाने के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग करते हैं और हिंदी यहां पर लगभग ना के बराबर बोली जाती है. हालांकि तमिलनाडु से तेलुगु और मलयालम कन्नड़ जैसे भाषा बोलने वाले राज्य में सटे हुए हैं. इसलिए यहां पर यह भाषाएं भी थोड़ी बहुत बोली जाती है. और मुस्लिम यहां पर उर्दू का प्रयोग भी करते हैं.