हमारे पेट मे एसिड कैसे बनता हैं – acid formation hindi

देखिए हमने किसी स्वादिष्ट food को देखा, उसके बारे में इमेजिन किया या हमने किसी टेस्टी फूड smell मात्र किया। हमारा वेगस नर्व हमारे stomach को सिग्नल भेजने लगता है, acid बनाने के लिए, या फिर जो भी हम कोई फूड खाते हैं और उस फूड के वजह से जो स्टमक के wall में stretch होता है, वह stretch receptor stimulate कर देते हैं, हमारे stomach में एसिड को बनाने के लिए…

हमारे स्टमक के इनर लाइनिंग पर मौजूद कुछ folds होते हैं, जिन्हें rugae कहते हैं, इन्हीं rugae पर मौजूद होते हैं, गैस्ट्रिक पिट जिस पर बहुत सारे गैस्ट्रिक ग्लैंड होते हैं। जो कि ऐसे केमिकल रिलीज करते हैं, जो भोजन के पाचन में मदद करते हैं। जैसे ही vagus nerve ने हमारे stomach को सिग्नल देते हैं, एचसीएल यानी एसिड बनाने के लिए, जिसे गैस्ट्रिक एसिड भी कहते हैं। हमारे rugae पर मौजूद यह गैस्ट्रिक ग्लैंड एक्टिवेट हो जाते हैं।

देखिए हमारे गैस्ट्रिक पिट पर जैसे ही यह गैस्ट्रिक ग्लैंड की cells एक्टिवेट होती हैं, सबसे पहले हमारा g cell gastrin रिलीज शुरू करता है। g cell एक एंडोक्राइन ग्लैंड होता है, जो अपने secretion को ब्लड में रिलीज करता है। देखिए जैसे ही gastrin रिलीज होता है, यह gastrin इस ईसीएल सेल enterochromaffin cell को स्टिम्युलेट करता है, हिस्टामाइन को रिलीज करने के लिए…. और जैसे ही हिस्टामाइन रिलीज होता है, फिर यहां से शुरू होता है, हमारे शरीर में एसिड के प्रोडक्शन की कहानी।

हिस्टामाइन दरअसल हमारे पैराइटल सेल पर histamine रिसेप्टर होते हैं, इसी रिसेप्टर के साथ हिस्टामाइन bind होता है, और हिस्टामाइन के bind होने के साथ ही यह पैराइटल सेल एक्टिवेट हो जाती है।

देखिए एक्टिवेट होने के बाद तुरंत ही हमारे इस पैराइटल सेल के अंदर, हमारे ब्लड से कार्बन डाइऑक्साइड और h2o प्रवेश करते हैं, और जैसे ही यह h2o और h2o parietal सेल में प्रवेश कीये, यह एक एंजाइम कार्बनिक अनहाइड्रेस की मदद से, carbonic acid में बदल जाते हैं। पैराइटल सेल के अंदर ही यह जो कार्बनिक एसिड बना है, वह फरदर आगे डिसोसिएट होकर हाइड्रोजन आयन और बाय कार्बोनेट आयन में बदल जाता है।

देखिए अब जो हाइड्रोजन आयन, जिसे प्रोटोन भी कहते हैं, और ये जो बाय कार्बोनेट आयन बने हैं। यह अब हमारे सेल से बाहर निकल जाते हैं, एक दूसरे आयन के एक्सचेंज से। सबसे पहले यह जो हमारा हाइड्रोजन आयन है, यह पोटेशियम आयन के साथ एक्सचेंज होकर, हमारे इस parietal cell से बाहर निकल जाता है। मतलब हाइड्रोजन आयन parietal cell से बाहर निकल जाता है, और उसके बदले में पोटेशियम आयन हमारे parietal सेल के अंदर आता है, इस प्रोटोन पोटैशियम atpase चैनल के थ्रू। वही जो बाई कार्बोनेट आयन है, वह क्लोराइड आयन के एक्सचेंज के साथ ब्लड में चला जाता है और ब्लड से क्लोराइड आयन, बाय कार्बोनेट क्लोराइड exchange चैनल के थ्रू, इस पर parietal सेल में आ जाता है।

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अब देखिए होता यह है कि इसी parietal सेल से यह क्लोराइड आयन भी अब बाहर निकल जाता है। और जैसा कि मैंने आपको अभी बताया कि हाइड्रोजन आयन पहले से ही हमारे parietal cell से बाहर निकलकर स्टमक में आ जाता है। तो यह दोनों हाइड्रोजन आयन और क्लोराइड आयन आपस में मिलकर एचसीएल का निर्माण कर लेते हैं, हाइड्रोक्लोरिक एसिड जिसकी जरूरत हमें भोजन के पाचन में पढ़ती है, इसे ही गैस्ट्रिक एसिड भी कहते हैं।

और यही hcl अब हमारे पेट में आने वाले बैक्टीरिया वायरस को मारता है, और जो फूड हम खाते हैं, उन्हें ब्रेकडाउन करता है, उन्हें छोटे-छोटे अब्जॉर्बेबल फॉर्म में कन्वर्ट करता है।

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