अंडमान निकोबार द्वीपसमूह का निर्माण कैसे हुआ

आज से लगभग 3 साल पहले मैंने आपको एक वीडियो में यह बताया था कि हमारा भारत देश का निर्माण कैसे हुआ है. कैसे हमारे भारत देश की जमीन एशिया में आकर जुड़ गया था गोंडवाना supercontinent से कटकर. अगर वह post नहीं देखा है तो जरूर देखना.

उस post को देखे होंगे या आप पहले से ही यह जानते होंगे कि भारत का निर्माण कैसे हुआ है भारत एशिया में कैसे आ लग गया और हिमालय कैसे बना? तब तो आपको अंडमान और निकोबार के निर्माण के बारे में जानना आसान होगा। लेकिन अगर आपको ये बात नहीं पता है तो संक्षेप में बताते चलते हैं।

भारत का निर्माण –

आज से 27 करोड़ साल पहले पृथ्वी पर जमीन का केवल एक टुकड़ा था जिसे pangea सुपरकॉन्टिनेंट के नाम से जाना जाता है। 20 करोड़ साल पहले यह दो टुकड़ों में टूट गया जिसमें से उत्तर का हिस्सा laurassia कहलाया। जिसमे उत्तरी अमेरिका एशिया और यूरोप बने और दक्षिण के हिस्से से ऑस्ट्रेलिया अफ्रीका भारत और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों का निर्माण हुआ इसे गोंडवाना लैंड कहते हैं। आज से लगभग 9 करोड़ साल पहले इसी गोंडवाना लैंड से एक जमीन का टुकड़ा 20 सेंटीमीटर/ ईयर की रफ्तार से यूरेशियन प्लेट की तरफ बढ़ने लगा और आज से 4 करोड़ साल पहले यह यूरेशियन प्लेट से जा टकराया और यही जमीन का भाग आज भारत कहलाता है। ऐसा भूगर्भ शास्त्रियों अपने अध्ययन किया।

लेकिन जब भारत यूरेशियन प्लेट से टकरा रहा था ठीक उसी समय भारत के पूर्वी हिस्से मे एक और प्लेट इंडियन प्लेट से collide हो रहा था जो कि था बर्मा का प्लेट।

पर्वत के उभार से बना अंडमान निकोबार –

जब भारत यूरेशियन प्लेट से टकरा गया तब भारत के उत्तर की तरफ हिमालय का निर्माण हुआ और जब यही इंडियन प्लेट जब पूर्व की तरफ बर्मा प्लेट से टकराता है तब यह अपने वर्मा और इंडियन प्लेट के मध्य में एक पर्वत श्रृंखला का निर्माण करता है जिसका नाम है आर्कन योमा।

arakan yoma

मैप में देखिए इस arkan yoma का लोकेशन. देखिए बर्मा प्लेट और इंडियन प्लेट के collision का अधिकतम हिस्सा समुद्र में डूबा हुआ है. जब इंडियन प्लेट वर्मा के प्लेट से टकराया तब इसकी टकराने की वजह से ही इन फोल्ड माउंटेन का निर्माण हुआ.  और यह पहाड़ जोकि दो प्लेट की टकराने की वजह से बने हैं यही पहाड़ का कुछ हिस्सा समुद्र में है और इसका कुछ हिस्सा थोड़ा सा हिस्सा समुद्र के बाहर निकला हुआ है जो कि आज के हमारे अंडमान और निकोबार आईलैंड द्वीप समूह का निर्माण करते हैं जब आप ध्यान से देखेंगे।

कई द्वीपो का समूह हैं अंडमान निकोबार –

जब आप अंडमान निकोबार के मैप को देखोगे तब आपको पता चलेगा कि अंडमान और निकोबार दीप समूह कई सारे द्वीपसमूह का एक Archipelago है. इसमें कुल 572 द्वीप है इनमें से केवल 38 द्वीपों पर ही रहा जा सकता है और अगर आप मैप में देखेंगे तो उत्तर में अंडमान का आईलैंड मौजूद है और दक्षिण में निकोबार का आइलैंड है।

जिसे आपस में बांटने का काम करता है 10 डिग्री latitute लाइन करती है। जिसे 10 डिग्री चैनल के नाम से भी जाना जाता है और आप शायद यह बात नहीं जानते होंगे की अंडमान निकोबार में जितने आईलैंड है ना उस सभी के सभी भारत के पास नहीं है इनमें से सबसे उत्तरी वाला हिस्सा म्यांमार का कब्जा है तो सबसे दक्षिणी वाले हिस्सों पर इंडोनेशिया का।

जैसा कि मैंने आपको भी बताया है कि अंडमान और निकोबार आइलैंड स्वयं में आर्कन योमा पर्वत श्रृंखलाओं का साउथवर्ड एक्सटेंशन है. लेकिन आपको बताते चलें कि आर arkan yoma पहाड़ियां खुद पूर्वांचल पर्वत श्रृंखलाओं का ही दक्षिणी एक्सटेंशन है. मतलब यह 1 तरीके से जो पहाड़ियां नागालैंड मिजोरम और मणिपुर जैसे जगह में है उन्हीं का ही एक्सटेंशन है.

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