जाने डॉक्टर कैसे बने के ऊपर पूरी जानकारी

हम में से कोई कुछ बनना चाहता हैं तो कोई कुछ (Doctor kaise bane)। हालाँकि इसमें डॉक्टर बनने की इच्छा
बहुत कम रखते हैं क्योंकि इसमें मेहनत तो लगती ही हैं और पैसा भी बहुत लगता हैं लेकिन यदि आप एक ब
डॉक्टर बन गए और एमबीबीएस कर (Doctor banne ka tarika) ली तो फिर पीछे मुड़कर देखने की जरुरत नही।


समाज में डॉक्टर की आवश्यकता ना पहले कम थी और ना आज हैं और ना कभी आगे रहेगी। यह एक ऐसा पेशा हैं
जिसकी मांग हमेशा ही (How to become doctor in Hindi) रहती हैं। ऐसे में आपके मन में भी रह-रह कर यह
प्रश्न उठता होगा कि आखिरकार एक सफल डॉक्टर कैसे बने और उसके लिए क्या किया जाए। ऐसे में आज हम
आपको इस लेख के माध्यम से डॉक्टर बनने के ऊपर सम्पूर्ण जानकारी देंगे।

डॉक्टर कैसे बने (Doctor kaise bane)


डॉक्टर बनने के लिए आपको दसवीं के बाद से ही तैयारी शुरू कर देनी होती हैं। साथ ही डॉक्टर बनने के लिए पहले
अपने दिल को मजबूत करे क्योंकि कमजोर दिल वाले डॉक्टर नही बन पाते। इसके साथ ही अपने घर पर इस बारे
में चर्चा कर ले क्योंकि आगे चलकर इसमें पैसा ज्यादा लगता हैं। ऐसे में डॉक्टर बनने के लिए आपको क्या करना
पड़ेगा, आइए जाने।

दसवीं के बाद ले मेडिकल


दसवीं के बाद हमे अपने करियर के हिसाब से कई तरह के विकल्प दिए जाते हैं जिसमें नॉन मेडिकल, मेडिकल,
कॉमर्स व आर्ट्स प्रमुख होते हैं। ऐसे में यदि आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो फिर मेडिकल चुनिए। आप नॉन
मेडिकल लेकर भी उसमे एक्स्ट्रा सब्जेक्ट के तौर पर बायोलॉजी के सकते हैं। कुल मिलाकर डॉक्टर बनने के लिए
आपके पास 11वीं और 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी होना जरुरी होता हैं।

बारहवीं में पीसीबी में लाये 50 प्रतिशत अंक


यदि आप बारहवीं के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाना चाहते हैं और नीट की परीक्षा देना चाहते हैं तो
इसके लिए आपको बारहवीं में पीसीबी में न्यूनतम 50 प्रतिशक अंक लाने होंगे। यहाँ इस बात का ध्यान रखे कि
हम पूरी बारहवीं में 50 प्रतिशत अंक लाने की बात नही कर रहे हैं बल्कि फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी में कुल
मिलाकर 50 प्रतिशत अंक आने चाहिए।

यदि आपके पीसीबी में 50 प्रतिशत अंक नही हैं तो आप नीट की परीक्षा में नही बैठ पाएंगे। साथ ही नीट की परीक्षा
में बैठने के लिए कुछ और मापदंड भी होते हैं जैसे कि इसके लिए आपकी न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए। साथ
ही इसका फॉर्म भरने के लिए भी अलग-अलग मापदंड होते हैं।

नीट का फॉर्म भरने के ऊपर जानकारी (NEET ka form kab bhara jata hai)


हर वर्ष सरकार के द्वारा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश करवाने के लिए नीट की परीक्षा आयोजित करवाई जाती हैं।
इसमें बच्चों की जाति के हिसाब से फॉर्म के अलग-अलग दाम होते हैं। जनरल व ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए नीट
का फॉर्म 1600 रुपए में होता हैं तो जनरल EWS व ओबीसी NCL के लिए यहीं फॉर्म 1500 में तो SC, ST व PH
के छात्रों के लिए यह 900 रुपए में उपलब्ध हैं।


इसमें आपसे आपका नाम, माता-पिता का नाम, 12वीं का स्कूल व स्ट्रीम, एग्जाम देने का सर्टिफिकेट, प्रवास
प्रमाण पत्र, आपका शहर इत्यादि जैसी कई महत्वपूर्ण जानकारी पूछी जाएगी। एक बार फॉर्म भर देने के बाद
आपका रजिस्ट्रेशन कर लिया जाएगा।


इसके बाद एग्जाम से कुछ समय पहले आपको नीट का प्रवेश पत्र दिया जाएगा। इसमें आपका रोल नंबर, आपका
नाम व फोटो इत्यादि जानकारी होगी। उसमे आपके एग्जाम का सेंटर, समय, तिथि इत्यादि सभी जानकारी होगी।

नीट का सिलेबस क्या हैं (NEET ka syllabus in Hindi)


अब बात करते हैं नीट का एग्जाम देने की। इस एग्जाम में आपसे वही प्रश्न पूछे जाएंगे जो आपने अपनी 11वीं
और 12वीं में पढ़े हैं। नीट का एग्जाम तीन विषयों में बंटा हुआ होता हैं जो हैं फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी।
इसमें फिजिक्स से 45 प्रश्न आते हैं तो इतने ही केमिस्ट्री में भी आते हैं। बायोलॉजी को दो भागों में बाँट दिया जाता
हैं जो हैं Botany व Zoology. इसमें Botany से 45 प्रश्न आयेंगे तो Zoology से भी 45 प्रश्न ही आएंगे।


प्रत्येक प्रश्न 4 अंकों का होता हैं। तो इस हिसाब से नीट में कुल 180 प्रश्न आते हैं और 4 अंकों के हिसाब से यह
पेपर कुल 720 अंकों का हो गया। प्रत्येक सही उत्तर के आपको 4 अंक दिए जाएंगे और इसमें नेगेटिव मार्किंग भी
होती हैं। कहने का तात्पर्य यह हुआ कि यदि आपने नीट में किसी प्रश्न का गलत उत्तर दिया तो आपका एक अंक
काट लिया जाएगा। इस तरह हर सही उत्तर पर +4 अंक और हर गलत उत्तर पर -1 नंबर मिलेंगे।

नीट के बाद क्या करें (NEET ke baad doctor kaise bane)

एक बार नीट का पेपर देने के बाद आपको रिजल्ट का इंतज़ार करना होगा। इसमें पास होने के लिए कोई न्यूनतम
सीमा नही होती हैं बल्कि इसके लिए कट ऑफ निकाली जाती हैं जो कि हर वर्ष के अनुसार अलग-अलग हो सकती
हैं। यह कट ऑफ बच्चों के बैठने की संख्या, कुल मेडिकल की सीट्स, परीक्षा का लेवल, उसमे बच्चों के द्वारा आये
नंबर इत्यादि पर निर्भर करती हैं।


नीट में यदि आप पास हो जाते हैं तो आपके नंबर के आधार पर आपको कॉलेज की लिस्ट दी जाएगी जिनमे से
आपको कोई एक कॉलेज चुनना होगा। इसके साथ ही आप अपनी मेडिकल की डिग्री किस फील्ड में करना चाहते हैं
वह भी चुनना होगा। जैसे कि यह जरुरी नही की सभी एमबीबीएस की ही तैयारी करे। डॉक्टर बनने के लिए कई
अन्य तरह के कोर्स भी होते हैं, जैसे कि:

  • एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी)
  • बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी)
  • बीएचएमएस (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी)
  • बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी)
  • बीएसएमएस (बैचलर ऑफ सिद्धा मेडिसिन एंड सर्जरी) इत्यादि।


यह पूरी तरह से आपके द्वारा लाये गए नंबर पर निर्भर करता हैं कि आप कौनसा कॉलेज या कोर्स कर पाएंगे। यदि
आपको अपना मनपसंद का कॉलेज या कोर्स नही मिलता हैं तो आप एक साल के लिए और तैयारी कर सकते हैं
और अगले वर्ष की नीट की परीक्षा में बैठ सकते हैं।
तो यह थी डॉक्टर बनने की प्रक्रिया। नीट में पास होने के बाद (Doctor kaise bante hain) आप सरकारी कॉलेज
में प्रवेश पा लेंगे और वहां से डॉक्टर की डिग्री लेकर निकलेंगे।

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