इस जगह पर सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं- ring of fire

क्या आपने कभी रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) के बारे में सुना है. नाम सुनकर आपको यह कोई हॉलीवुड मूवी लग रहा होगा.

लेकिन जब आप यह पूरा आर्टिकल पढ़ेंगे. तब आपको इसके प्रलयंकारी प्रकृति के बारे में पता चलेगा.

रिंग ऑफ फायर पृथ्वी पर विनाश के जगह है और आज इस आर्टिकल में हम यही जानेंगे कि

यह रिंग ऑफ फायर आखिर धरती पर है कहां और यह पृथ्वी पर विनाश की जगह क्यों है….

धरती पर खतरे की जगह

धरती पर एक जगह है जिसे आप विनाश का क्षेत्र कहें तो कुछ गलत नहीं होगा.

नीचे दी हुई इमेज को देखिए, ये इमेज ही है पृथ्वी पर विनाश की जगह

जहां धरती पर सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं.

40,000 किलो मीटर स्क्वायर के क्षेत्र में फैला हुआ यह घोड़े की नाल की आकार का क्षेत्र

निरंतर रूप से महासागरीय गर्त और ज्वालामुखी क्षेत्र श्रेणी के रूप में फैला हुआ है.

यहां पर विश्व के कुल 75% ज्वालामुखी स्थित है यानी कुल 452 ज्वालामुखी विश्व के यहीं पर स्थित है.

और तो और विश्व के 90% भूकंप के झटके यहीं पर लगते हैं.

आप यहां की भयावहता का अंदाजा यही जानकर लगा सकते हैं कि विश्व के 81% भयानक भूकंप इसी क्षेत्र में आए हैं.

पिछले 12,000 सालों में विश्व के भयानक ज्वालामुखी विस्फोट भी यही हुए हैं.

रिंग ऑफ फायर के इतने खतरनाक होने का कारण यह बताया जाता है कि यहां पर टेक्टोनिक प्लेट्स का आपस में टकराव हमेशा होता ही रहता है.

पेसिफिक प्लेट जिस पर यह रिंग ऑफ फायर (ring of fire) स्थित है बताया जाता है

कि पृथ्वी पर स्थित सबसे बड़ा टेक्टोनिक प्लेट्स यही है.

और जो ज्वालामुखी यहां पर सबसे बड़ा तांडव मचा सकते हैं

जो सबसे बड़ा प्रलय यहां ला सकते हैं वह जमीन पर नहीं बल्कि समुद्र के अंदर हैं.

विश्व का सबसे बड़ा भूकंप –

विश्व का सबसे भयानक भूकंप जो कि चिली के वल्दिविया में आया था, वह भी इसी रिंग ऑफ फायर के क्षेत्र में स्थित है.

यहां 9.6 तीव्रता का भूकंप आया था. रिंग ऑफ फायर की जद में आने वाले देश हैं यूनाइटेड स्टेट,

कनाडा, रशिया, जापान, चिल्ली, पेरु. मलेशिया, न्यूजीलैंड और कई छोटे-छोटे द्वीप समूह हैं.

विश्व में आए कई बड़ी सुनामी भी इसी क्षेत्र में आए कई बड़े भूकंप की वजह से ही हुआ है.

विश्व का दूसरा सबसे खतरनाक क्षेत्र है जहां सबसे ज्यादा भूकंप आता है वह अल्पाइड बेल्ट जो कि

जावा सुमात्रा से होते हुए हिमालय को अपनी जद में लेते हुए दक्षिणी यूरोप तक फैला हुआ है.

इसमें भारत भी आता है जो कि हिमालय और हिंदू कुश क्षेत्र में भूकंप के आने से प्रभाव क्षेत्र में आता है.

पेसिफिक टेक्टोनिक प्लेट्स हमेशा मूवमेंट करता रहता है.

इसीलिए यहां पर हमेशा भूकंप आते ही रहते हैं माउंट फूजी जैसे खतरनाक ज्वालामुखी भी यहीं पर स्थित है.