blackhole in hindi – ब्लैक होल इस ब्रह्मांड में मौजूद ज्ञात सबसे dense चीज़, जिसकी density (घनत्व) अनंत होती हैं।
अरबों अरबों kg mass एक छोटे से बिंदु में समाहित हो जाता हैं।
सीधे सीधे शब्दों में बोलूँ तो ब्लैक होल बड़े mass के तारों के शव होते हैं।
वो तारे सूर्य से mass में 20 गुना या उससे ज्यादा होता हैं, बड़े mass के तारे माने जाते हैं।
कैसे बनते हैं ब्लैक होल (blackhole in hindi) –
तारों में उर्जा nuclear fusion से उत्पन्न होती हैं.
तारों के कोर में हाइड्रोजन फ्यूज होकर हीलियम, हीलियम फ्यूज होकर कार्बन, कार्बन फ्यूज होकर नीऑन और क्रिया आगे बढ़ते बढ़ते एक समय ऐसा आता हैं.
जब कोर iron (लोहा) जैसा भारी मटेरियल बना लेता हैं।
और बार जब कोर iron जितना भारी मटेरियल बना लेता है.
उसके बाद कोर आगे मटेरियल फ्यूज नहीं कर पाता, और कोर में fusion की क्रिया बंद हो जाती हैं।
fusion की क्रिया बंद होते ही कोर की gravity बाहर की ओर लगने वाले pressure से जो कि fusion की क्रिया के कारण लगता हैं,
उससे बहुत ज्यादा हो जाता हैं। और इस प्रकार कोर अपने ही gravity के कारण gravitaionally collapse होना शुरू हो जाता हैं.
यानी कोर अपने ही अंदर सिकुड़ना शुरू हो जाता हैं। (blackhole in hindi)
और बहुत ही कम समय में अरबों अरबों kg गैस को अपने अंदर समाने लगता हैं।
परिणामस्वरुप एक बहुत ही भयंकर धमाके के साथ तारा फट जाता हैं।
जो कि भयंकर उर्जा उत्सर्जित करता हैं, जितना अपना सूर्य अपने पूरे जीवन में उत्सर्जित करेगा,
उससे 100 गुना ज्यादा। इस धमाके को सुपरनोवा धमाका कहते हैं।
और पीछे छोड़ जाता हैं एक नया ज़बरदस्त gravity वाला black hole.
जिससे लाइट भी पास नहीं हो सकती।
ब्लैक होल (blackhole in hindi) से निकलते हैं दो जेट –
ये blackhole उर्जा के दो जेट के साथ होता हैं। जो की ब्रह्मांड में बहुत ही तेज़ी से फैलते हैं। इसे gamma ray burst कहते हैं।
ये ब्लैक होल (black hole in hindi) अरबों अरबों kg mass को एक छोटे से बिंदु में compress कर देता हैं.
यानी एक छोटे से बिंदु में अरबों अरबों kg mass होता हैं अनंत घनत्व के साथ।
उस छोटे से बिंदु को singularity कहते हैं।

space-time में एक गहरा curve बना देता हैं ये singularity –
अगर आपको नहीं पता की space-time क्या हैं.
तो आपको बताते चले कि space-time ब्रह्माण्ड में चौथे आयाम को कहते हैं।
जैसे लम्बाई, चौड़ाई, ऊंचाई ठीक वैसे ही space-time. इतना जानने के बाद अब आते हैं मूल मुद्दे पर,
ये singularity point, space-time में एक बहुत ही गहरा curve बना देता हैं।
अगर आप कभी ब्लैक होल (blackhole in hindi) के चित्र को देखते हो तो आप देखते हो बाहर की ओर खुला हुआ एक मुख,
वो होता हैं event horizon. और गहराई का भाग जहाँ होता हैं वो बिंदु उसे कहते हैं singularity.

क्या होगा अगर आप ब्लैक होल (black hole in hindi) में गिर जायेंगे तो …
एक black hole कभी भी एक निश्चित सीमा के बाहर के वस्तु को नहीं खींचता, बल्कि एक निश्चित सीमा के अंदर के वस्तुओं को ही खीचता हैं।
अब अगर कोई व्यक्ति ब्लैक होल (blackhole in hindi) के ज़बरदस्त gravity के क्षेत्र के अंदर आ जाए
तो black hole की जबरदस्त gravity उस व्यक्ति को event horizon में कुछ milli seconds में ही खींच लेगा।
event horizon में आते हुए उसव्यक्ति का शरीर खींचकर छोटे छोटे molecules में टूट कर singularity में ही समा जाएगा।
इसके अलावा black hole में जाने पर व्यक्ति के लिए समय काफी slow होगा,
ब्लैक होल (black hole in hindi) के बाहर के व्यक्तियों की तुलना में। तो इस प्रकार मरते हैं बड़े mass के तारे।
ब्लैक होल की जानकारी विडियो के रूप में जानने के लिए ये विडियो देखिये –
blackhole ki janakri wikipedia