भारत में ATM कब आया? पहला ATM कहाँ लगा

श्रेणी: तकनीक · पढ़ने का समय: लगभग 3 मिनट · अपडेट: 22 अक्टूबर 2026

आज ATM हमारी रोज़ की ज़रूरत है, लेकिन भारत में इसकी शुरुआत 1980 के दशक के अंत में हुई।

एक नज़र में

भारत का पहला ATM कब लगा?1987 में, मुंबई में HSBC द्वारा।
दुनिया का पहला ATM कब और कहाँ लगा?1967 में लंदन में बार्कलेज़ बैंक की शाखा में।
ATM का फुल फॉर्म क्या है?ऑटोमेटेड टेलर मशीन।
क्या बैंक फ़ोन पर पिन माँगता है?नहीं, कभी नहीं।

मुख्य बातें

  • भारत में पहला ATM 1987 में मुंबई में HSBC बैंक द्वारा लगाया गया था।
  • ATM का पूरा नाम ऑटोमेटेड टेलर मशीन है।
  • ATM पिन किसी से साझा न करें और कार्ड डालने की जगह पर कुछ संदिग्ध लगे तो उसका उपयोग न करें।
  • दुनिया में नकदी देने वाली मशीन का आविष्कार स्कॉटलैंड के जॉन शेफर्ड-बैरन से जुड़ा माना जाता है।
  • भारत में 1987 में HSBC ने मुंबई में पहला ATM लगाया।

भारत का पहला ATM

भारत में पहला ATM 1987 में मुंबई में HSBC बैंक द्वारा लगाया गया था। इसके बाद अन्य बैंकों ने भी धीरे-धीरे ATM लगाने शुरू किए।

ATM का पूरा नाम

ATM का पूरा नाम ऑटोमेटेड टेलर मशीन है। दुनिया का पहला नकद निकासी वाला ATM 1967 में लंदन के बार्कलेज़ बैंक की एक शाखा में लगाया गया था।

सुरक्षा

ATM पिन किसी से साझा न करें और कार्ड डालने की जगह पर कुछ संदिग्ध लगे तो उसका उपयोग न करें।

ATM की शुरुआत की कहानी

दुनिया में नकदी देने वाली मशीन का आविष्कार स्कॉटलैंड के जॉन शेफर्ड-बैरन से जुड़ा माना जाता है। 27 जून 1967 को लंदन के एनफ़ील्ड में बार्कलेज़ बैंक की शाखा में पहला ATM चालू हुआ। कहा जाता है कि उन्हें इसका विचार चॉकलेट की वेंडिंग मशीन से आया था। शुरुआती ATM में कागज़ के वाउचर का इस्तेमाल होता था, बाद में मैग्नेटिक स्ट्राइप वाले प्लास्टिक कार्ड आए।

भारत में ATM का विस्तार

भारत में 1987 में HSBC ने मुंबई में पहला ATM लगाया। 1990 के दशक में निजी बैंकों के आने के बाद ATM तेज़ी से फैले। 2000 के बाद सरकारी बैंक, जैसे SBI, ने भी बड़े पैमाने पर नेटवर्क बनाया। आज भारत में लाखों ATM हैं। नोटबंदी (2016) और डिजिटल भुगतान के बढ़ने के बावजूद नकद निकासी का एक बड़ा माध्यम ATM बना हुआ है।

व्हाइट लेबल ATM, जो गैर-बैंक कंपनियाँ चलाती हैं, ने ग्रामीण इलाकों तक पहुँच बढ़ाई।

ATM कैसे काम करता है

जब आप कार्ड डालकर पिन दर्ज करते हैं, तो ATM आपके बैंक के सर्वर से संपर्क करता है, जो खाते में शेष राशि और पिन की जाँच करता है। मंज़ूरी मिलने पर मशीन के भीतर लगी डिस्पेंसर इकाई नोटों की गड्डियों से निर्धारित राशि निकालती है। लेन-देन नेटवर्क (जैसे NPCI का NFS) के ज़रिए अलग-अलग बैंकों के बीच भी होता है। ज़्यादातर बैंक अपने ग्राहकों को निश्चित संख्या में मुफ़्त ट्रांज़ेक्शन देते हैं।

सुरक्षा के सुझाव

पिन दर्ज करते समय कीपैड को हाथ से ढकें और पिन किसी से साझा न करें। कार्ड स्लॉट या कीपैड पर कोई असामान्य उपकरण (स्किमर) लगा लगे तो उस ATM का उपयोग न करें। ATM से पैसे निकालते समय अपरिचित व्यक्तियों से मदद न लें। धोखाधड़ी होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें और कार्ड ब्लॉक कराएँ। बैंक कभी भी फ़ोन पर आपका पिन, OTP या CVV नहीं पूछता।

इस विषय को पढ़ाई में कैसे उपयोग करें

"भारत में ATM कब आया? पहला ATM कहाँ लगा" जैसे विषय सामान्य ज्ञान और विज्ञान की परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। पढ़ते समय मुख्य तथ्यों (नाम, संख्या, स्थान और वर्ष) को अलग से नोट कर लें और हर कुछ दिन में दोहराएँ। संख्याओं के आँकड़ों में स्रोत के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए परीक्षा से पहले अपनी पाठ्यपुस्तक या आधिकारिक स्रोत से मिलान कर लें। अभ्यास के लिए विद्युदभि के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट हल करें, ताकि तथ्य याद रहें और समय प्रबंधन भी सुधरे।

  • भारत का पहला ATM कब लगा?
  • दुनिया का पहला ATM कब और कहाँ लगा?
  • ATM का फुल फॉर्म क्या है?
  • क्या बैंक फ़ोन पर पिन माँगता है?

ऊपर दिए प्रश्नों के उत्तर पहले बिना देखे लिखने की कोशिश करें, फिर "एक नज़र में" सारणी से मिलान करें। इस तरह सक्रिय स्मरण (एक्टिव रिकॉल) से याददाश्त ज़्यादा मज़बूत होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का पहला ATM कब लगा?

1987 में, मुंबई में HSBC द्वारा।

दुनिया का पहला ATM कब और कहाँ लगा?

1967 में लंदन में बार्कलेज़ बैंक की शाखा में।

ATM का फुल फॉर्म क्या है?

ऑटोमेटेड टेलर मशीन।

क्या बैंक फ़ोन पर पिन माँगता है?

नहीं, कभी नहीं।

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