बच्चों की देखभाल कैसे करें? नवजात से 5 साल तक की मूल बातें

श्रेणी: स्वास्थ्य · पढ़ने का समय: लगभग 3 मिनट · अपडेट: 22 अक्टूबर 2026

बच्चों की सही देखभाल में पोषण, टीकाकरण, नींद, सुरक्षा और प्यार, सब ज़रूरी हैं। यह सामान्य जानकारी है, बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं।

एक नज़र में

कितने महीने केवल माँ का दूध?पहले 6 महीने।
पूरक आहार कब शुरू करें?6 माह की उम्र से।
शिशु को किस मुद्रा में सुलाएँ?पीठ के बल।

मुख्य बातें

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार के अनुसार शिशु को जन्म के पहले छह महीने केवल माँ का दूध देना चाहिए।
  • शिशु को हमेशा पीठ के बल सुलाएँ और नरम तकिये या खिलौनों से बिस्तर खाली रखें।
  • तेज़ बुखार, साँस में तकलीफ, दौरे, लगातार उल्टी-दस्त, सुस्ती, दूध न पीना या विकास में देरी जैसी स्थिति में तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से मिलें।
  • भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में जन्म के समय बीसीजी, हेपेटाइटिस बी और ओरल पोलियो की प्रारंभिक खुराक दी जाती है।
  • पहले छह महीने केवल माँ का दूध देने की सलाह दी जाती है।

स्तनपान और पोषण

विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार के अनुसार शिशु को जन्म के पहले छह महीने केवल माँ का दूध देना चाहिए। इसके बाद छह महीने की उम्र से पूरक आहार, जैसे दाल का पानी, मसला फल और खिचड़ी, शुरू किया जाता है, और स्तनपान दो वर्ष या अधिक तक जारी रखा जा सकता है। एक वर्ष से पहले शहद, गाय का दूध (मुख्य आहार के रूप में) और नमक-चीनी देने से बचें।

टीकाकरण

भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में बच्चों को क्षय रोग (BCG), पोलियो, हेपेटाइटिस-B, पेंटावैलेंट (DPT, Hib, हेप-B), रोटावायरस, न्यूमोकोकल, खसरा-रूबेला और अन्य टीके दिए जाते हैं। अपने बच्चे का टीकाकरण कार्ड सुरक्षित रखें और सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या आँगनवाड़ी से समय-सारणी पूछें।

नींद, विकास और सुरक्षा

उम्रऔसत नींद
नवजात14-17 घंटे
1-2 वर्ष11-14 घंटे
3-5 वर्ष10-13 घंटे

शिशु को हमेशा पीठ के बल सुलाएँ और नरम तकिये या खिलौनों से बिस्तर खाली रखें। छोटे सामान जैसे सिक्के और बटन बच्चे की पहुँच से दूर रखें। रसोई और बिजली के सॉकेट सुरक्षित करें। कार में उम्र के अनुसार चाइल्ड सीट इस्तेमाल करें।

कब डॉक्टर से मिलें

तेज़ बुखार, साँस में तकलीफ, दौरे, लगातार उल्टी-दस्त, सुस्ती, दूध न पीना या विकास में देरी जैसी स्थिति में तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से मिलें। बिना सलाह के बच्चों को दवा या घरेलू काढ़े न दें।

टीकाकरण की सामान्य रूपरेखा

भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में जन्म के समय बीसीजी, हेपेटाइटिस बी और ओरल पोलियो की प्रारंभिक खुराक दी जाती है। इसके बाद 6, 10 और 14 सप्ताह पर पेंटावैलेंट, पोलियो और अन्य टीके, तथा लगभग 9-12 महीने पर खसरा-रूबेला (MR) का टीका लगता है। टीकाकरण की तालिका में समय-समय पर बदलाव होते हैं, इसलिए अपने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र या बाल रोग विशेषज्ञ से ताज़ा तालिका लें।

पूरक आहार और पोषण

पहले छह महीने केवल माँ का दूध देने की सलाह दी जाती है। छह महीने के बाद स्तनपान के साथ अर्ध-ठोस भोजन शुरू करें, जैसे दाल का पानी, मसला केला, खिचड़ी और सब्ज़ी की प्यूरी। एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे को शहद न दें। नमक और चीनी की मात्रा कम रखें। नई चीज़ एक-एक करके दें ताकि एलर्जी का पता चल सके।

आयुभोजन का रूप
0-6 माहकेवल माँ का दूध
6-8 माहमसला हुआ, गाढ़ा अर्ध-ठोस भोजन
9-12 माहमोटा कुचला हुआ, उँगलियों से खाने वाले टुकड़े
1 वर्ष के बादपरिवार का सामान्य भोजन

सुरक्षा और स्वच्छता

  • शिशु को पीठ के बल सुलाएँ और बिस्तर पर तकिया या ढीले कपड़े न रखें
  • बच्चे को अकेला न छोड़ें, खासकर नहाते समय और ऊँची जगहों पर
  • छोटी वस्तुएँ, सिक्के और बटन पहुँच से दूर रखें
  • खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोएँ
  • दस्त होने पर ORS और जिंक दें और डॉक्टर से सलाह लें

छोटे बच्चों के लिए स्क्रीन का समय यथासंभव कम रखें, विशेषज्ञ दो वर्ष से पहले इससे बचने की सलाह देते हैं।

खतरे के संकेत

तीन महीने से कम उम्र के शिशु को बुखार, दूध न पीना, तेज़ साँस, दौरे, अत्यधिक सुस्ती, लगातार उल्टी या निर्जलीकरण के लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएँ। वृद्धि और विकास की जाँच के लिए आँगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र की नियमित जाँच का लाभ लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितने महीने केवल माँ का दूध?

पहले 6 महीने।

पूरक आहार कब शुरू करें?

6 माह की उम्र से।

शिशु को किस मुद्रा में सुलाएँ?

पीठ के बल।

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नोट: आँकड़े और रैंकिंग समय के साथ बदल सकते हैं। परीक्षा या शोध से पहले आधिकारिक स्रोत से मिलान करें। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं।