dietary fiber क्या है ? – कब्ज़ क्यों होता है ?

क्या आपको पता है, आपको कब्ज़ क्यों होता है?? और कब्ज में यह डाइटरी फाइबर जिसे आहारी रेखा भी कहते हैं, जो कि एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट ही होता है, वह कैसे मदद कर सकता है। देखिए पिछले वीडियो में मैंने आपको बताया था कि कार्बोहाइड्रेट बहुत ही इंपॉर्टेंट है, हमारे शरीर में यह हमारे शरीर में ऊर्जा को प्रोवाइड कराता है, पर कुछ कार्बोहाइड्रेट ऐसे भी हैं, हमारे शरीर में कुछ कॉन्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट जो कि polysacchrides होते हैं।

वह हमारे शरीर में जब जाते हैं, तो वह हमारे ब्लड में कभी absorb नहीं होते हैं, मतलब पेट में कभी भी उनका पाचन नहीं हो पाता है, ऐसे कोई एंजाइम है ही नहीं हमारे बॉडी में जो इन स्पेशल टाइप के कार्बोहाइड्रेट को पचा सके। इसीलिए कार्बोहाइड्रेट जब पेट में जाते हैं, तो बिना डाइजेस्ट हुए हमारे शरीर से बाहर निकल जाते हैं। पर इनका हमारे पेट में मौजूद होना ही अपने आप में बहुत बड़ी बात है, क्योंकि यह क्या करते हैं, यह हमारे शरीर में मल को रुकने नहीं देते हैं। कभी भी कब्ज होने नहीं देते हैं, हमारे शरीर में… ये स्पेशल कार्बोहाइड्रेट हैं dietary fibers जिसे हिंदी में आहारीय रेशा भी कहते हैं। generally इसे fibre भी कहा जाता हैं।

देखिये generally होता यह है कि जब हम भोजन खाते हैं, भोजन विभिन्न प्रकार की क्रियाओं से होते हुए जब हमारी बड़ी आंत में पहुंचता है, तो बड़ी आंत दरअसल बहुत सारा पानी absorb कर लेता है, इस फूड से जो जो विभिन्न प्रकार की क्रियाओं से होते हुए हमारे बड़ी आत में आता है। और यही food जिसमें पानी बिल्कुल absorb हो गया होता है, दरअसल यह stool इतना कठोर हो जाता है, कि इसे पास होने में दिक्कत होता है, इस के bowel मूवमेंट में, इसलिए लोगों को कब्ज़ होता है।

क्या करता हैं फाइबर

देखिए जब हम फाइबर खाते हैं, तो होता यह है यह फाइबर दरअसल हमारे इसी फूड में पानी को कंटेन के रहता है। जिससे कभी भी स्टूल को पास होने में दिक्कत नहीं होती, और लोगों को कब्ज़ नहीं होता है।

फाइबर के प्रकार

आपको बता दें कि यह फाइबर भी दो प्रकार का होता है। एक वह फाइबर जो पानी में घुल सकता है, जिसे सॉल्युबल डाइटरी फाइबर कहते हैं, और दूसरा वह जो पानी में नहीं घुल सकता है, जिसे इनसोल्युबल डाइटरी फाइबर कहते हैं।

जब हम सॉल्युबल डाइटरी फाइबर खाते हैं, जो पानी में घुल जाता है, दरअसल पेट में जाते ही वह जेल लाइक substance बना लेता है, और होता यह है कि हमारी बड़ी आत में जो बैक्टीरिया होती है, जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा आवश्यक होती है, वह बैक्टीरिया इस फाइबर को खा पाते हैं। और वह अपनी संख्या बड़ी आंत में बढ़ा पाते हैं। जिससे यही बैक्टीरिया हमारे फूड को ब्रेकडाउन करने में मदद करते हैं। हमारे भोजन के पाचन में मदद करते हैं, तरह-तरह के एंजाइम बनाते हैं और हमारा शरीर पूरी तरीके से स्वस्थ बना रहता है।

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वही जब हम यह इनसोल्युबल डाइटरी फाइबर खाते हैं, तो होता यह है की फाइबर तो कोई भी प्रकार का हो वह डाइजेस्ट तो होता नहीं है, लेकिन यह पानी को अपने अंदर contain किया रहता है। जिससे कब्ज़ बिल्कुल भी पेट में हो नहीं पाता है। और जब हम यह इनसोल्युबल डाइटरी फाइबर खाते हैं, तो हमारा पेट ग्लूकोस को धीरे-धीरे absorb करता है। जिससे हमें भूख लगने का एहसास बहुत ही कम होता है, और यही डाइटरी फाइबर दरअसल पेट में जब रहता है, तो यह calory का इस्तेमाल भी करता है, जिससे लोगों का वेट लॉस भी देखने को मिलता है।

Skis

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