भारत में सबसे ज्यादा कपास का उत्पादन करने वाला राज्य

kapas ka utpadan – इस कपास का वर्णन जितना भी किया जाए उतना ही कम है. क्योंकि कपास दुनिया में “सफेद सोने” के नाम से जाना जाता है. और भारत के सबसे प्राचीनतम ग्रंथ ऋग्वेद में कपास का वर्णन है. जो बताता है कि भारत में कपास की खेती और सूती वस्त्रों का इस्तेमाल कितना ज्यादा पुराना है.

कपास भारतीय संस्कृति का एक हिस्सा है और भारत चीन और अमेरिका कपास की खेती के लिए पूरे विश्व में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है. क्या पता है कि कपास कितना ज्यादा महत्वपूर्ण है मानव सभ्यता के लिए. जिसके कारण से वह सूती वस्त्र बना सका है. कपास के पौधे की लंबाई 2 से 7 फुट तक होती है.

और इसके पुष्प सफेद और पीले रंग के होते हैं जिन्हें बॉल्स कहते हैं. यह गोल गेंद की तरह होते हैं. जिसके अंदर कपास और कपास के बीज पाए जाते हैं पर कपास की खेती करना इतना आसान भी नहीं है. क्योंकि कपास की खेती के लिए काली मिट्टी की जरूरत पड़ती है. साथ ही तापमान भी औसतन 20 से 27 डिग्री का होना चाहिए और वर्षा भी 100 सेंटीमीटर से कम नहीं होनी चाहिए।

सरसों का सबसे ज्यादा उत्पादन किस राज्य में होता है

यह सब चीज है भारत के किसी एक विशेष क्षेत्र में ही है जो कपास की खेती के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है भारत में. तो चलिए जानते है भारत में कपास का उत्पादन सबसे ज्यादा कहां होता है…

भारत में कपास का उत्पादन वाला राज्य –

भारत में सबसे ज्यादा कपास का उत्पादन गुजरात में होता है. जहां पर काली मिट्टी ज्यादा पाई जाती है. खासतौर पर दक्षिणी गुजरात वाला क्षेत्र जहां पर सूरत में इन कपास से होने वाले सूती वस्त्रों से कपड़ों का सबसे बड़ा इंडस्ट्री भी है. साथ ही साथ बड़ोदरा से क्षेत्रों में भी कपास का अच्छा खासा इस्तेमाल किया जाता है.

भारत में सबसे ज्यादा चावल उत्पादन किस राज्य में होता है

गुजरात के बाद कपास के सबसे ज्यादा उत्पादन वाले राज्य में गिना जाता है महाराष्ट्र को और सही मायने में देखें तो पिछले कुछ सालों में महाराष्ट्र में गुजरात को भी कपास की खेती में पिछड़ा दिया है. कारण यह है कि गुजरात से भी ज्यादा बड़ी काली मिट्टी वाली जमीन महाराष्ट्र के पास है.

अफीम का सबसे ज्यादा उत्पादन किस राज्य में होता है

जहां पर वह कपास की खेती करते हैं. साथ ही महाराष्ट्र से लगा हो तेलंगाना, जहां पर काली मिट्टी का क्षेत्र है. वहां पर भी कपास की खेती भारत में काफी ज्यादा होती है. यह भारत में तीसरे नंबर पर आता है, कपास की खेती के मामले में.